Monday, 18 November 2019

रात की चुदाई सुबह याद ना थी

मैं एक बिजनेसमैन हूं, मैं हर साल अपने परिवार के साथ कहीं ना कहीं घूमने के लिए जाता हूं मैं अब तक कई देशों में घूमने के लिए जा चुका हूं लेकिन इस बार मुझे मनाली जाना था, मैंने अपने घर के पास ही ट्रैवल एजेंट को फोन किया और उसे कहा की मुझे मनाली जाना है तुम वहां पर मेरे रहने और गाड़ी की व्यवस्था कर दो, उसने कहा ठीक है सर मैं सारी व्यवस्था कर देता हूं। मेरे पास ज्यादा वक्त नहीं होता था इसलिए मैं अपने पत्नी और बच्चों को ज्यादा समय नहीं दे पाता था, मेरी पत्नी का नाम काव्या है मैंने उन्हें कभी भी कोई कमी नहीं होने दी और हमेशा ही उन्हें मैं अपने साथ घुमाने के लिए लेकर जाता लेकिन फिर भी काव्या का मूड ठीक नहीं रहता था, मैंने कई बार काव्या को समझाया कि मैं यह सब तुम्हारे लिए ही तो कर रहा हूं लेकिन वह फिर भी मुझसे कभी खुश नहीं रहती।
इस बार मैं घूमने के लिए मनाली का प्लान बना चुका था और मेरे ट्रैवल एजेंट ने सारी व्यवस्था करदी थी, मैं दिल्ली से कार में ही जाने वाला था काव्या और मेरे बच्चों ने सारा सामान पैक कर दिया था, मैं जब सुबह जल्दी उठा तो ड्राइवर का फोन आ गया और वह कहने लगा सर आप लोग तैयार हो जाइए मैं दो घंटे में आपके घर पहुंच जाऊंगा। मैंने बच्चों से कहा कि तुम लोग तैयार हो जाओ दो घंटे बाद ड्राइवर आ जाएगा, काव्या और मेरे बच्चे तैयार हो गए और दो घंटे बाद वह ड्राइवर भी आ गया, ड्राइवर की उम्र 45 से 50 वर्ष की रही होगी। मैंने उससे कहा बस पांच मिनट रुक जाओ,  उसने कहा सर कोई बात नहीं पांच मिनट बाद काव्या बच्चों को लेकर आ गई, हम लोगों ने सारा सामान डिक्की में रख दिया अब हम लोग मनाली के लिए निकल पड़े। मैं ड्राइवर के साथ आगे वाली सीट में ही बैठा हुआ था और रास्ते भर उससे बात करता रहा था, मैं जब मनाली पहुंचा तो वह मुझे होटल में लेकर गया, मैंने अपने एजेंट को फोन किया उसने कहा कि सर मैंने आपके रुकने की व्यवस्था कर दी है यदि आपको कोई भी परेशानी हो तो आप मुझे फोन कर दीजिएगा।
मुझे कोई भी ऐसी दिक्कत नहीं हुई होटल भी अच्छा था और वहां पर साफ-सफाई भी अच्छी थी, उस दिन तो हम लोगों ने आराम करने की ही सोची, शाम के वक्त का नजारा बड़ा ही सुंदर लग रहा था वहां पर टिमटिमाते हुए लाइट जैसे एक अलग ही नजारा पैदा कर रहे थे और सब कुछ बहुत अच्छा सा लग रहा था, हम लोगों के होटल के मैनेजर ने बताया कि सर आज शाम को होटल की तरफ से एक छोटी सी पार्टी रखी है जिसमें कि जितने भी लोग होटल में रुके हैं उन सबको इनवाइट किया है। शाम के वक्त हम लोग पार्टी में चले गए वहां पर ठीक-ठाक भीड़ थी वहां पर करीब 100 लोगों के आसपास की भीड़ थी और आगे से लाइव कंसर्ट भी चल रहा था, जो सिंगर गाना गा रहा था वह बड़े ही अच्छी आवाज में गाना गा रहा था मैं तो पार्टी को पूरा इंजॉय कर रहा था लेकिन काव्या का चेहरा थोड़ा उतरा सा लग रहा था मैंने उससे पूछा तुम्हारा मूड क्यों ऑफ है? वह कहने लगी मेरा मूड कहां ऑफ है बस ऐसे ही मैं तो गाने का इंजॉय ले रही हूं लेकिन मुझे लग रहा था कि उसका मूड वाकई में ऑफ है शादी के इतने वर्षों बाद हम दोनों एक दूसरे को कभी सही से पहचान ही नहीं पाए, हमारा बस सिर्फ नाम का ही रिश्ता रह गया था। हमारे सामने की टेबल पर एक परिवार बैठा हुआ था वह भी पार्टी का पूरा एंजॉय कर रहा था जैसे-जैसे पार्टी का समय बीता जा रहा था तो सब लोगों का आपस में इंट्रोडक्शन हो चुका था जो हमारे टेबल के सामने बैठे हुए थे उनका नाम कमल और सुमोना था, वह लोग पार्टी का पूरा एंजॉय कर रहे थे। कमल हमारे पास आया और कहने लगा आप भी हमें ज्वाइन कीजिए, काव्या और मैं हम लोग भी उनकी टेबल पर चले गए, मेरे साथ मेरे बच्चे भी थे मेरे बच्चे और उनके बच्चे आपस में खेलने लगे, अब हम लोगों का परिचय तो हो ही चुका था इसलिए हम सब लोग आपस में बात कर रहे थे काव्या भी सुमोना से बात कर रही थी अब उसके चेहरे पर भी थोड़ी बहुत मुस्कान थी।
सुमोना ने मुझसे पूछा कि तुम्हारी शादी को कितने वर्ष हो चुके हैं तो मैंने उसे बताया कि मेरी शादी को 12 वर्ष हो चुके हैं, वह कहने लगी कि हमारी शादी को भी 12 वर्ष हो चुके हैं इत्तेफाक की बात यह रही कि जिस दिन हम दोनों की शादी हुई थी उसी दिन उन दोनों की भी शादी हुई थी और अगले ही दिन मेरा बर्थडे था, कमल कहने लगा कि चलो यह तो अच्छी बात है हम लोग भी यहां चार-पांच दिन रुकेंगे और इसी बहाने आपका बर्थडे भी हम लोग सेलिब्रेट कर लेंगे, मैंने उन्हें कहा क्यों नहीं। हम लोगों ने साथ में एक अच्छा समय बिताया काफी समय बाद मैंने काव्या के चेहरे पर इतनी खुशी देखी थी वह बहुत खुश थी और कहने लगी मुझे सुमोना के साथ बात कर के अच्छा लगा, मैंने काव्या से कहा चलो इस बहाने तुम्हारी किसी से तो बात हुई नहीं तो तुम हमेशा ही उखड़ी सी रहती हो, काव्य मुझे कहने लगी अब तुम्हारा देखने का अंदाज ही ऐसा है तो मैं उसमें कुछ नहीं कर सकती और वह बिस्तर में जा कर लेट गई, फिर मैं भी सो गया और अगले दिन जब मेरे बर्थडे की तैयारी होटल में ही हो रही थी तो मैंने होटल में जितने भी गेस्ट रुके थे उन सबको इनवाइट कर लिया, उस दिन हमने ड्रिंक का भी इंतजाम कर दिया और जब काव्या और मैं डांस कर रहे थे तो सब लोग तालियां बजा रहे थे मैंने भी कमल से कहा कि तुम भी सुमोना के साथ डांस करो, कमल भी सुमोना के साथ डांस करने लगा हम लोग बड़े ही एंजॉय कर रहे थे और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मैंने उस दिन थोड़ा ज्यादा शराब भी पी ली थी काव्या ने भी उस दिन थोड़ी ड्रिंक कर ली थी उसे भी हल्का नशा हो गया था, कमल और सुमोना भी लगातार ड्रिंक कर रहे थे जिससे कि उन दोनों को भी नशा होने लगा था लेकिन पार्टी में बड़ा मजा आ रहा था और सब लोग बहुत एंजॉय कर रहे थे।
धीरे-धीरे सब लोग नशे में होते जा रहे थे कमल तो इतना ज्यादा नशे में हो गया कि उसे मुझे कंधे में उठाकर उसके बिस्तर तक ले जाना पड़ा। काव्या भी सो चुकी थी सुमोना और मैं बैठ कर बात कर रहे थे सुमोना को तो जैसे बिल्कुल भी नशा नहीं हुआ था। उसने जब मेरी बाहों में आने की कोशिश की तो मुझसे भी नहीं रहा गया कमल भी सो चुका था और उसके बच्चे भी गहरी नींद में थे। मैंने सुमोना की ड्रेस को उतारते हुए उसकी लाल रंग की पैंटी को नीचे उतार दिया उसे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया। वह अपने मुंह से बड़ी मादक आवाज निकाल रही थी लेकिन उसकी गोरी गोरी गांड जब मेरे लंड से टकराती तो मुझे बड़ा मजा आता मैं उसके स्तनों को भी दबाए जा रहा था उसका बदन बड़ा ही सेक्सी है। सुमोना को चोदकर मुझे बड़ा मजा आ रहा था क्योंकि काव्या के साथ मैंने लंबे अरसे से सेक्स नहीं किया था हम दोनो के बीच जैसे सेक्स नाम की चीज बची ही नहीं थी लेकिन सुमोना ने उस दिन मेरी बरसो की इच्छा को पूरा कर दिया उसकी चूत मारने में मुझे बड़ा मजा आ रहा था। मैंने उससे पूछा तुम तो कमल को बड़े ही मजे देती होंगी। वह कहने लगी मैने कमल को हमेशा सेक्स के लिए कभी कोई शिकायत नहीं होने दी उसके साथ में सेक्स का मजा लेती हूं लेकिन आज वह जल्दी सो गया इसलिए मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करने की इच्छा हुई। मैंने काफी देर तक सुमोना के बदन के मजे लिए जब उसकी चूत से पानी बाहर छूटने लगा तो मैं भी झडने वाला था मैंने अपने वीर्य को सुमोना की गोरी गांड पर गिरा दिया। हम दोनों ने अपने कपड़े पहन लिए हम लोग काफी देर तक बात करते रहे रात भी काफी हो चुकी थी मैंने सुमोना से कहा मैं अब सोने चलता हूं वह कहने लगी मुझे भी बहुत नींद आ रही है मैं अपने रूम में सोने के लिए चला गया और सुमोना भी सो गई। अगली सुबह जब हम मिले तो जैसे सुमोना को कुछ भी याद नहीं था लेकिन रात भर मैंने उसके साथ जो मजे लिए मैं तो उसकी सिर्फ कल्पना मात्र से ही खुश हो जाता हूं।
हम सब लोगों ने पार्टी का तो रात भर मजा लिया था और सुबह हम लोग रात की पार्टी की ही बात कर रहे थे। कमल कहने लगा कि चलो इस बहाने हम दोनों परिवार की मुलाकात तो हुई और अब आगे भी मुलाकात होती रहेगी, मैंने कमल से कहा क्यों नहीं यदि आप लोग हमें अपने दिल में जगह दोगे तो हम लोग आपसे संपर्क करते रहेंगे, सुमोना कहने लगी कि हां हम लोगों को आपके साथ बहुत अच्छा लगा और मुझे तो काव्य के साथ भी बहुत अच्छा लगा, काव्या के चेहरे पर भी मुस्कान थी और उसके चेहरे पर मैं जब भी मुस्कान देखता तो मुझे बहुत अच्छा लगता। हम लोग जितने दिनों तक भी साथ में थे उतने दिन मुझे भी बहुत अच्छा लगा और जब हम लोग अपने घर वापस लौट आए तो कुछ दिनों तक तो मेरा मन काम करने का हुआ ही नहीं लेकिन फिर जब मैं काम करने लगा तो मैं अपने काम में व्यस्त हो चुका था और मुझे बिल्कुल भी समय नहीं मिल पा रहा था परंतु मैं कोशिश करते हुए अपने लिए समय निकालने लगा और कुछ समय काव्या के साथ भी बिताने लगा, काव्या के मूड में भी अब परिवर्तन होने लगा था और मैं उसे समझाने में सफल हो गया था कि मैं उससे प्यार करता हूं मेरे लिए यह बहुत खुशी की बात थी कि काव्या को भी मेरे प्यार का एहसास हो चुका था। वह हमेशा मेरा इंतजार करती और वह मुझे अब फोन भी करने लगी थी मैं बहुत खुश था और जब भी मुझे काव्या का फोन आता तो मैं उसे कहता कि बस मैं अभी घर पहुंच रहा हूं।

बस में मिली अनजान लड़की के साथ मजे

हेल्लो दोस्तों, कैसे हैं आप लोग ? आशा करता हूँ की मस्त ही होंगे | दोस्तों मेरा नाम आशीष है और मैं बिहार का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र २२ साल है और मैं स्मार्ट दीखता हूँ | मैं भी आप लोगों की तरह Hindi Sex Kahaniyan का पाठक हूँ और अक्सर इस वेबसाइट पर हिंदी सेक्स कहानियों के मजे लेता हूँ | दोस्तों आज मैं आप लोगों को अपनी एक सच्ची घटना के बारे में बताना चाहता हूँ जिसमे मैंने बस में एक अनजान लड़की को चोदा था |
दोस्तों बात पिछले गर्मियों की है जब मैं बिहार से दिल्ली जाने वाला था | ट्रेन में बुकिंग की कोशिश की लेकिन उसमे हो नही पाया | फ्लाइट की टिकट बहुत महंगी थी इसीलिए मेरे पास बस एक ही आप्शन बचा और वो था बस | मैंने बस में ऊपर की स्लीपर सीट बुक की और टाइम पर पहुँच गया बस अड्डे | दोस्तों बिहार से दिल्ली जाने में लगभग 24 घंटे लगते हैं बस से | बस सुबह 11 बजे बिहार से चलती है और अगले दिन लगभग 10 बजे दिल्ली के कश्मीरी गेट बस अड्डे पर उतार देती है | मैं बस में गया और अपना एक बैग लेकर अपनी सीट पर जाकर लेट गया | मेरा स्लीपर सबसे पीछे था | बस की बुकिंग ऑनलाइन होती थी और उस दिन मैंने चेक किया था की बस काफी खाली जाएगी | खैर, बस चल पड़ी | थोड़ी देर बाद एक स्टॉप पर बस रुकी जहाँ से कुछ और सवारियां भी चढ़ने वाली थीं |
जब सवारियां बैठ गयीं तो मैंने देखा की दो सवारियां पीछे की साइड आ रही थीं | मैंने देखा की एक सवारी 2 सीट आगे बैठ गयी और जो दूसरी सवारी थी वो मेरी स्लीपर के एकदम सामने वाली ऊपर की स्लीपर में आ गयी | वो लगभग 20 साल की एक मस्त सी लड़की थी | देखने में लग रहा था की वो दिल्ली के किसी कॉलेज में पढ़ती होगी | मैं दिल्ली में रह चूका हूँ तो मुझे दिल्ली में रहने वाली लड़कियों का पता है की उने अगर लड़का पसंद आ गया तो वो झट से पट जाती हैं और अगर पसंद नही आया तो चाहे जितना मर्जी जोर लगा लो, वो हद से हद सिर्फ दोस्त बना कर छोड़ देती हैं | मैंने सोचा की बस एक ही मौका है तो इसी गंवाना नही है | मैंने उसको गंवारों की तरह आँख मारना या सीटी मारना सही नही समझा बल्कि अच्छा सा एक लुक दिया | उसने भी एक लुक दिया | अब मैंने आजकल के ट्रेंड के हिसाब से अपनी ऑयब्रोव्स को मटका दिया | वो मुस्कुरा दी और खुद ही आँख मार दी | मैं समझ गया की लड़की आधी तो पट चुकी है बस आधी पटाना बाकी है |
त्जोदी देर बाद बस एक ढाबे पर रुकी | वहां उतरने के लुए जब मैं नीच उतरा तो मैंने निचे जूते पहनने के बहाने उसके उतरने का इंतजार किया | जब वो उतर गयी तो मैं उसके साथ चल दिया और हलके से हेय बोल दिया | अब वो भी खुल गयी और हमने बस से निचे उतर कर बातें शुरू कर दी | उसने बताया की वो दिल्ली के एक कॉलेज में बी कॉम कर रही है और उसका दूसरा साल है | मैंने मन ही मन सोचा की मेरा अंदाजा सही था | हमने खाना खाया, बातें की और फिर बस में अपनी अपनी सीटों पर बैठ गये | बैठने से पहले हम दोनों ने अपने नंबर एक्सचेंज कर लिए थे और व्हात्सप्प पर एक दुसरे को मेसेज कर दिया था | बस में फिर से बैठने के बाद हम दोनों ने चैटिंग करनी शुरू कर दी और इशारे भी करने लगे |
धीरे धीरे शाम होने लगी | रात के लगभग 8 बजे बस फिर से एक ढाबे पर रुकी | इस बार मैंने उतरते टाइम बस में उसका हाथ धीरे से पकड़ लिया | उसने मना नही किया और उसने और अच्छे से मेरा हाथ पकड लिया | हम दोनों ने डिनर किया और फिर से बस में चढ़ते टाइम मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसके हाथों पर एक किस कर लिया | उसने रिप्लाई में एक स्माइल दे दी | अब हम दोनों बस में बैठ गये | रात के करीब 10 बजे ड्राईवर ने लाइट ऑफ कर दी बस की | मैंने सोचा अच्छा मौका है | मैंने उस लड़की को व्हात्सप्प पर मेसेज करके अपनी सीट पर इनवाईट किया | वो मान गयी और मेरी सीट पर आ गयी |
अब मैंने सीट का पर्दा लगा दिया और फ़ोन साइड में रख दिया | अब हम दोनों एक दुसरे की बाँहों में थे | मैंने उसे किस करना शुरू लार दिया | उसने मना नही किया और मेरा साथ देने लगी | धीरे धीरे मैं उसकी गर्दन पर किस करने लगा | वो इस चीज को एन्जॉय कर रही थी और धीरे धीरे आह्ह्ह हह ह हह ह ह हह ह हह ह ह्ह्ह ह ह हह ह ह कर रही थी | मैंने अब कपड़ों के ऊपर से ही उसके बूब्स दबाने शुरू कर दिए | वो बोली थोडा तो कण्ट्रोल करो | मैंने बोला तुम हो ही इतनी सेक्सी की मुझे रहा नही नही जा रहा | वो धीरे से हंस पड़ी | मैं समझ गया की ग्रीन सिंग्नल है | मैंने अब उसके बूब्स दबाने शुरू कर दिए |
दोस्तों, मैं आप लोगों को उसके शरीर के बारे में बताना भूल गया | उसका फिगर मस्त था और बूब्स बड़े थे | गांड बहुत सेक्सी तो नही थी लेकिन ओवरआल वो मस्त थी | मैं अब उसके बूब्स को दबा रहा था | वो मस्ती से आह उह्ह ऊऊ उ ऊऊ ऊऊ ऊऊ उ ऊ उ ऊ ऊऊ ऊ ऊ उई ई इ करने लगी | अब मैंने उसकी टीशर्ट को ऊपर किया और उसके बूब्स दबाने लगा | ब्रा और टीशर्ट निकालना तो पॉसिबल नही था क्यूंकि बस में इतनी भी बेफिक्री से सेक्स नही कर सकते इसीलिए मैंने ब्रा को भी ऊपर सरका दिया | मैं अब उसके बूब्स पर किस करने लगा | उसके बूब्स पर किस करने में मुझे बहुत मजा आ रहा था | उसके निप्पल बहुत टेस्टी थे | मैं उसके निप्पलों को जोर जोर से चूसने लगा | वो मेरे सर को पकड का आह ह हह ह हह ह हह ह हह ह हह ह ऊऊ ऊ उ उम् मम म म मम म मम म मम म मम ई ईई ई इ इ ई इ ई इ ई इ इ इ ईऊ उ ऊ ऊ ऊ उ ऊऊ ऊ ऊ उ ऊऊम्म म मम म म मम म मम म म मम म म मम म मम मम्म म्मम्म म मम म म करने लगी |
मैंने अब उसके दुसरे दूध को चुसना शुरू कर दिया | पहले को अभी भी मैं दबा रहा था | मैंने उसके बुध को चूसते हुए अपना हाथ उसके शरीर पर हाथ फेरना शुरू कर दिया | हाथ फेरते फेरते मैंने उसकी पैंट के अन्दर हाथ डाल दिया | वो मेरे हाथ को रोकने लगी तो मैंने उसे और जोर से लिप्स पर और गर्दन पर किस करना शुरू कर दिया | अब उसने मना नही किया और मेरे हाथ को अपनी पैंट के अन्दर जाने दिया | अब मैंने उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया | उसकी चूत में झांटे नही थी | मैंने उसकी पैंट की बेल्ट खोली और पैंट को थोडा निचे सरका दिया | पैंट को सरकाने के बाद उसकी पैंटी को भी सरका दिया और उसकी चूत में अपनी एक ऊँगली डाल दी | उसकी चूत कसी थी और थोड़ी गीली भी | उसकी चूत की गर्मी मेरे हाथों को अब महसूस हो रही थी |
मैंने उसकी चूत में घुसी ऊँगली को अन्दर बाहर कर दिया | वो धीरे धीरे उम्म्म म मम म मम अह हह ह हह ह ह आह हह ह हह ऊऊ उ ऊ उ उई इ इ इ ई करके सिसकियाँ लेने लगी | मैंने अब अपनी पैंट भी निचे सरका दी और उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया | वो मेरे लंड को सहलाने लगी | उसके टच से ही मेरा लंड पूरा खडा हो गया | मैंने और देर करना सही नही समझा और उसकी टांगों को फैला कर उसकी चूत पर अपना लंड टिका दिया | मैंने उसके होठों पर अपने होठ रखे ताकि गलती से भी तेज आवाज़ न निकले और बहुत धीरे से उसकी चूत में धक्का मारा | वो दर्द से छटपटा पड़ी | अगर मैंने उसके होठों पर होठ नही रखे होते तो वो पक्का चिल्ला देती | मैंने अब धीरे धीरे पूरा लंड घुसेड़ा और उसकी कसी चूत को चोदने लगा |
करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद वो झड गयी और मैंने भी उसकी चूत से लंड निकाल कर अपनी अंडरवियर में ही अपना माल झाड दिया | ये थी मेरी कहानी |